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अरबी बोलने वाले व्यक्ति से हिंदी में चैट करें

आप हिंदी में लिखें, सामने वाला अरबी में पढ़े, और उनका जवाब आपको हिंदी में मिले। अनुवाद फ़ोन पर होता है, भाषाएँ डाउनलोड होने के बाद बिना इंटरनेट भी।

आप हिंदी में लिखते हैं, सामने वाला आपका मैसेज अरबी में पढ़ता है और अपनी भाषा में जवाब देता है, जिसे आप हिंदी में पढ़ते हैं। Piou हर मैसेज का अनुवाद उसी फ़ोन पर करता है जिस पर मैसेज पहुँचता है, और मूल मैसेज हमेशा देखा जा सकता है। अपने-आप होने वाला अनुवाद, “आमने-सामने” मोड और कॉल के “अनुवादित सबटाइटल” Piou Premium का हिस्सा हैं; Premium के बिना मैसेज अपनी मूल भाषा में दिखते हैं।

हिंदी और अरबी के बीच यह कैसे काम करता है

हर मैसेज उसी भाषा में सेव होता है जिसमें वह लिखा गया था। भेजने वाले का फ़ोन भाषा अपने-आप पहचानता है; अगर पहचान न हो पाए, तो उसकी प्रोफ़ाइल की भाषा ली जाती है। आपका फ़ोन अरबी मैसेज का हिंदी में अनुवाद करता है: मैसेज के नीचे “अनुवादित” लिखा आता है, और “मूल देखें” से अरबी का असली मैसेज दिखता है। ऐप अरबी को दाएँ से बाएँ सही तरीक़े से दिखाता है।

अनुवाद फ़ोन पर ही होता है, किसी क्लाउड अनुवाद सेवा से नहीं: iPhone पर Apple के बिल्ट-इन अनुवाद से (iOS 18 या उसके बाद), Android पर Google के ML Kit से, जिसके मॉडल फ़ोन में डाउनलोड होते हैं, और वेब ऐप में ओपन सोर्स इंजन Bergamot और Firefox Translations के मॉडलों से, या कंप्यूटर पर Chrome के बिल्ट-इन अनुवाद से। अनुवाद आपके फ़ोन से बाहर नहीं जाते। मैसेज ख़ुद हमारे सर्वरों पर मूल भाषा में रखे जाते हैं, ताकि वे पहुँच सकें और सिंक हो सकें।

भाषाएँ एक बार डाउनलोड होती हैं, बेहतर है Wi-Fi पर। इसके बाद अनुवाद और “आमने-सामने” मोड बिना इंटरनेट चलते हैं: फ़ोन दोनों के बीच रखें, वह पहचानता है कि कौन बोल रहा है, अनुवाद दिखाता है और उसे पढ़कर सुनाता है। एक ही फ़ोन काफ़ी है, दूसरे व्यक्ति को ऐप की ज़रूरत नहीं।

बातचीत का एक उदाहरण

राजेश एक परिवार के ड्राइवर हैं। श्री अल-ओतैबी उन्हें अरबी में लिखते हैं:

  • श्री अल-ओतैबी लिखते हैं: “يا راجيش، أرجو أن تأخذ السيارة إلى الصيانة غدًا الساعة التاسعة صباحًا.”
  • राजेश पढ़ते हैं: “राजेश, कृपया कल सुबह नौ बजे गाड़ी सर्विस के लिए ले जाइए।”
  • राजेश जवाब देते हैं: “जी सर, ले जाऊँगा। क्या गाड़ी शाम से पहले वापस चाहिए?”
  • श्री अल-ओतैबी पढ़ते हैं: “نعم سيدي، سآخذها. هل تحتاج السيارة قبل المساء؟”
  • श्री अल-ओतैबी जवाब देते हैं: “لا داعي للعجلة، إن شاء الله تكون جاهزة بعد العصر.”
  • राजेश पढ़ते हैं: “जल्दी की ज़रूरत नहीं, इंशाअल्लाह अस्र के बाद तैयार हो जाएगी।”

“इंशाअल्लाह” का मतलब है “अगर अल्लाह ने चाहा”; यहाँ यह “उम्मीद है” जैसा है। “अस्र के बाद” का मतलब है दोपहर बाद की नमाज़ के बाद का समय, जो मौसम के साथ बदलता है। ठीक समय चाहिए तो पूछ लें: “क़रीब 4 बजे?”

बातचीत के लिए सुझाव

  • छोटे और पूरे वाक्य। क्या, कब, कहाँ: एक मैसेज में एक बात। जवाब में बताएँ कि आपने क्या समझा: “ठीक है, कल सुबह 9 बजे सर्विस सेंटर।”
  • समय और पता अंकों में। “साढ़े चार” के बजाय “4:30” लिखें, और पता लोकेशन शेयर करके भेजें।
  • अरबी की शुभकामनाएँ। “अल्लाह आपको सेहत दे” जैसे अनुवाद का मतलब अक्सर “आपकी मेहनत के लिए शुक्रिया” होता है, और “माशाअल्लाह” तारीफ़ होती है।
  • रमज़ान और शुक्रवार। रमज़ान में बहुत से परिवारों का रोज़ का समय बदल जाता है, और शुक्रवार दोपहर कई लोगों के लिए नमाज़ का समय होता है। समय पहले से पूछ लें।
  • ज़रूरी बातें लिखित में। काम के घंटे, छुट्टी या वेतन जैसी बातें ऐसी भाषा में लिखी हुई रखें जिसे दोनों समझते हों। अनुबंध या वेतन की कोई समस्या हो, तो सरकारी विभाग या अपने देश के दूतावास से जानकारी लें।

अनुवाद की सीमाएँ

  • रोमन अक्षरों में हिंदी। Hinglish में लिखे मैसेज शायद हिंदी के रूप में न पहचाने जाएँ। देवनागरी में लिखें या वॉइस मैसेज भेजें।
  • हिंदी और अंग्रेज़ी मिलाकर लिखना। “Sir, car की service कल है” जैसे मिले-जुले वाक्यों का अनुवाद कमज़ोर होता है।
  • अरबी बोलियाँ। खाड़ी की बोली के शब्द या रोमन अक्षरों में लिखी अरबी (arabizi) अक्सर ठीक से अनूदित नहीं होती; मानक अरबी सबसे अच्छी चलती है।
  • पुल्लिंग और स्त्रीलिंग। अरबी में सामने वाले को पुकारने का रूप पुरुष और महिला के लिए अलग होता है, और हिंदी में क्रिया बोलने वाले के लिंग से बदलती है (“करूँगा”, “करूँगी”)। अनुवाद इसमें ग़लती कर सकता है।
  • “जी”, “आप” और “तुम”। अरबी में “आप” और “तुम” का फ़र्क़ नहीं होता, इसलिए अनुवाद में “तुम” दिखे तो उसे अपमान न समझें। आपका “जी” भी अरबी में अक्सर “सर” बन जाता है।
  • रक़म और संख्याएँ। भारत में डेढ़ लाख को “1,50,000” लिखते हैं, जबकि अरब देशों में यही रक़म “150,000” लिखी जाती है। रक़म, मुद्रा (AED, SAR, ₹) और तारीख़ हमेशा दोबारा पक्की करें।
  • स्वास्थ्य, क़ानून और पैसा। Piou विशेषज्ञ या पेशेवर अनुवादक की जगह नहीं लेता। आपात स्थिति में स्थानीय इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें।
  • दस्तावेज़ और फ़ोटो। Piou फ़ोटो, PDF या दस्तावेज़ों का अनुवाद नहीं करता।

शुरुआत कैसे करें

  1. iPhone (iOS 18 या उसके बाद) या Android (8.0 या उसके बाद) पर Piou इंस्टॉल करें, या वेब ऐप app.piou.chat खोलें।
  2. पढ़ने की भाषा हिंदी चुनें और हिंदी व अरबी डाउनलोड करें, बेहतर है Wi-Fi पर। भाषा की सेटिंग “सेटिंग्स” → “भाषा और अनुवाद” में मिलती है।
  3. अपनी अनुमति से फ़ोनबुक से कॉन्टैक्ट जोड़ें, या इनवाइट लिंक या QR कोड भेजें। फ़ोन नंबर से आपके जानने वाले आपको ढूँढ पाते हैं; लॉग-इन के लिए इसका इस्तेमाल कभी नहीं होता।
  4. “7 दिन का मुफ़्त ट्रायल” शुरू करें: कार्ड ज़रूरी है, 7 दिन तक कोई पैसा नहीं कटता, फिर दिखाई गई क़ीमत पर सब्सक्रिप्शन अपने-आप शुरू हो जाता है, जब तक आप ट्रायल ख़त्म होने से पहले उसे रद्द न करें। आप कभी भी रद्द कर सकते हैं।
  5. अगर आप चाहते हैं कि सामने वाला भी आपको अपनी भाषा में पढ़े, तो ऐप में या वेबसाइट पर “किसी अपने को Piou गिफ़्ट करें” इस्तेमाल करें।

इस्तेमाल के उदाहरण

घर के काम का दिन तय करना

स्कूल का समय, ख़रीदारी या मेहमानों की बात अरबी में लिखी जाती है और आपको हिंदी में मिलती है। आप बिना झिझक अपनी भाषा में सवाल पूछ सकते हैं, और जवाब सामने वाले को अरबी में दिखता है।

ड्राइवर: स्कूल का समय और लोकेशन

स्कूल से निकलने का समय बदले या कोई नया पता हो, मैसेज तुरंत पहुँचता है। जगह ठीक से बताने के लिए आप एक बार या अपने चुने हुए समय तक लाइव लोकेशन शेयर कर सकते हैं।

ऑफ़िस या साइट पर अरबी बोलने वाले सहकर्मी

टीम चैट में हर व्यक्ति रोज़ के निर्देश अपनी भाषा में पढ़ता है। सुरक्षा से जुड़े निर्देश हमेशा आमने-सामने भी समझें और पक्का कर लें।

दुकान, ऑर्डर और सप्लायर

ऑर्डर, मात्रा और दाम हर कोई अपनी भाषा में लिखता है। पैसे देने या माल पहुँचाने से पहले संख्याएँ एक छोटे मैसेज में दोबारा पक्की कर लें।

वॉइस मैसेज

लिखने के बजाय बोलना आसान लगे तो वॉइस मैसेज भेजें। Premium में वॉइस मैसेज को लिखित रूप में बदलकर अनुवाद किया जाता है और असली ऑडियो भी सुना जा सकता है; आवाज़ पहचानने की क्वालिटी फ़ोन पर निर्भर करती है।

आमने-सामने बात

घर में या दुकान पर जल्दी कुछ समझाना हो तो Premium वाले एक ही फ़ोन पर “आमने-सामने” मोड काफ़ी है। भाषाएँ डाउनलोड होने के बाद यह बिना इंटरनेट भी चलता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सामने वाले को भी Piou और Premium चाहिए?

मैसेज भेजने और पाने के लिए दोनों के पास Piou होना ज़रूरी है। अनुवाद निजी होता है: Premium सिर्फ़ उसी के लिए अनुवाद करता है जिसके पास यह है। दोनों अपनी-अपनी भाषा में पढ़ें, इसके लिए दोनों को Premium चाहिए, या कोई एक दूसरे को “किसी अपने को Piou गिफ़्ट करें” से गिफ़्ट कर सकता है।

Premium की क़ीमत क्या है?

UAE में 21.99 AED महीना या 174.99 AED साल, सऊदी अरब में 21.99 SAR महीना या 174.99 SAR साल, और भारत में ₹179 महीना या ₹1,399 साल। सही क़ीमत आपके देश की मुद्रा में सब्सक्राइब करने से पहले दिखती है। “7 दिन का मुफ़्त ट्रायल” शुरू करने के लिए कार्ड चाहिए, और ट्रायल ख़त्म होने से पहले रद्द न करने पर सब्सक्रिप्शन अपने-आप शुरू हो जाता है।

क्या रोमन अक्षरों में हिंदी लिखी जा सकती है?

हाँ, लेकिन रोमन अक्षरों में लिखी हिंदी (Hinglish) को ऐप शायद हिंदी के रूप में न पहचाने, और तब अनुवाद ठीक नहीं होगा। देवनागरी कीबोर्ड से लिखें, या Premium में वॉइस मैसेज भेजें।

क्या Piou उर्दू, मलयालम या बांग्ला में भी काम करता है?

नहीं। Piou हिंदी में काम करता है, लेकिन उर्दू, बांग्ला, मलयालम, तमिल, नेपाली, सिंहला और टैगलॉग भाषाएँ इसमें शामिल नहीं हैं।

क्या अनुवाद बिना इंटरनेट के चलता है?

हाँ। हिंदी और अरबी एक बार डाउनलोड हो जाएँ, तो अनुवाद और “आमने-सामने” मोड बिना इंटरनेट चलते हैं। मैसेज भेजने-पाने और कॉल करने के लिए इंटरनेट चाहिए।

क्या Piou से भारत में किसी के सामान्य फ़ोन नंबर पर कॉल हो सकती है?

नहीं। Piou सामान्य फ़ोन नंबरों या लैंडलाइन पर कॉल नहीं करता। ऑडियो और वीडियो कॉल सिर्फ़ Piou इस्तेमाल करने वालों के बीच इंटरनेट से होती हैं, और Piou इनके लिए कोई शुल्क नहीं लेता।