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अंग्रेज़ी बोलने वाले व्यक्ति से हिंदी में चैट करें

आप हिंदी में लिखें, सामने वाला अंग्रेज़ी में पढ़े। अनुवाद फ़ोन पर ही होता है, इंटरनेट के बिना भी। भारत में Premium ₹179 महीना है।

Piou पर आप हिंदी में लिखते हैं और सामने वाला अंग्रेज़ी में। अगर आपके पास Piou Premium है, तो हर अंग्रेज़ी संदेश आपके फ़ोन पर हिंदी में दिखता है, जिसका अनुवाद फ़ोन ख़ुद करता है, और असली संदेश हमेशा एक टैप पर मौजूद रहता है। सामने वाला आपके संदेश अंग्रेज़ी में पढ़े, इसके लिए उसे भी Premium चाहिए, या आप उसे गिफ़्ट कर सकते हैं।

हिंदी और अंग्रेज़ी के बीच Piou कैसे अनुवाद करता है

Piou भेजने वाले के फ़ोन पर ही हर संदेश की भाषा पहचानता है और संदेश को जैसा लिखा गया, वैसा ही सहेजता है। अनुवाद पाने वाले के फ़ोन पर, उसकी भाषा में होता है: आप हिंदी में पढ़ते हैं, पोती अंग्रेज़ी में, और किसी को लिखने का तरीक़ा नहीं बदलना पड़ता।

अनुवाद का इंजन फ़ोन पर निर्भर करता है:

  • iPhone: Apple का बिल्ट-इन अनुवाद, iOS 18 या उसके बाद के वर्ज़न पर।
  • Android: Google का ML Kit, जिसके भाषा मॉडल फ़ोन में डाउनलोड होते हैं।
  • वेब ऐप: ब्राउज़र में ओपन सोर्स इंजन Bergamot और Firefox Translations के मॉडल, या कंप्यूटर पर Chrome का बिल्ट-इन अनुवाद, जहाँ उपलब्ध हो। हिंदी और अंग्रेज़ी का अनुवाद सीधे होता है, बीच में कोई तीसरी भाषा नहीं आती।

अनुवादित संदेश के नीचे अनुवादित लिखा होता है, और मूल देखें दबाकर आप ठीक वही देख सकते हैं जो लिखा गया था, जैसे कोई नाम या पता। अनुवाद कभी आपके फ़ोन से बाहर नहीं जाते; संदेश ख़ुद Piou के सर्वर पर अपनी मूल भाषा में रखे जाते हैं, ताकि वे पहुँच सकें और सभी डिवाइस पर सिंक हो सकें।

भाषाएँ एक बार डाउनलोड करनी होती हैं, बेहतर है वाई-फ़ाई पर; उसके बाद अनुवाद और “आमने-सामने” मोड बिना इंटरनेट के चलते हैं। मुफ़्त प्लान में चैट, ग्रुप, वॉइस मैसेज, फ़ोटो और कॉल सब मिलते हैं, पर संदेश अपनी मूल भाषा में दिखते हैं। Premium में अपने-आप अनुवाद, वॉइस मैसेज का लिखित रूप और उसका अनुवाद, कॉल के दौरान अनुवादित सबटाइटल और “आमने-सामने” मोड मिलते हैं।

उदाहरण

सरला जी जयपुर में रहती हैं। उनका पोता अर्जुन टोरंटो में पला-बढ़ा है और अंग्रेज़ी ही अच्छी तरह पढ़ता है। दोनों को मोटे तौर पर यह दिखता है:

  • अर्जुन लिखता है: “Hi Dadi! I got into the university I wanted. Mom will call you tonight.” → दादी पढ़ती हैं: “हाय दादी! मुझे उस यूनिवर्सिटी में दाख़िला मिल गया जो मैं चाहता था। मम्मी आज रात तुम्हें फ़ोन करेंगी।”
  • दादी वॉइस मैसेज भेजती हैं: “बहुत-बहुत बधाई बेटा! भगवान तुम्हें ख़ूब तरक़्क़ी दे।” → अर्जुन पढ़ता है: “Many congratulations, son! May God give you lots of progress.”

अर्जुन ने अपनी दादी को “तुम” नहीं कहा: अंग्रेज़ी में सिर्फ़ “you” है, और अनुवाद ने अपनी तरफ़ से “तुम” चुन लिया। दादी का आशीर्वाद अंग्रेज़ी में थोड़ा अटपटा और शब्दशः लगता है, पर भाव पहुँच जाता है। और ध्यान दें: टोरंटो की “आज रात” भारत में अगली सुबह होती है, इसलिए कॉल का समय दोनों देशों के समय के साथ तय करें। अर्जुन के पास Premium हो, तो दादी का वॉइस मैसेज उसके फ़ोन पर लिखित रूप में बदलकर अनुवाद होता है, और वह दादी की आवाज़ भी सुन सकता है।

अंग्रेज़ी बोलने वालों से बात करते समय

  • “You” में आदर का फ़र्क़ नहीं। अंग्रेज़ी में आप, तुम और तू, सबके लिए एक ही “you” है। पोते-पोती या बहू का “you” बेअदबी नहीं है।
  • विनम्रता शब्दों से। अंग्रेज़ी बोलने वाले “please”, “thank you” और “sorry” से विनम्रता दिखाते हैं। अपने संदेश में “धन्यवाद” या “कृपया” लिखें, इनका अनुवाद अच्छा होता है।
  • रिश्तों के नाम। विदेश में पले बच्चे रिश्तेदारों को अक्सर “Uncle” या “Aunty” कहते हैं, चाहे वे मामा हों या चाचा। रिश्ते का सही नाम उन्हें प्यार से बताइए।
  • लाख और करोड़। कई अंग्रेज़ी बोलने वाले लाख-करोड़ नहीं समझते: 10 लाख यानी 1 मिलियन, 1 करोड़ यानी 10 मिलियन। बड़ी रक़म अंकों में साफ़ लिखें और ज़रूरत हो तो यह फ़र्क़ समझा दें।
  • समय का फ़र्क़। भारत का समय UTC+5:30 है। गर्मियों में न्यूयॉर्क भारत से साढ़े नौ घंटे और लंदन साढ़े चार घंटे पीछे होता है; सर्दियों में एक घंटा और जोड़ लें।
  • तारीख़। अमेरिका में महीना पहले लिखा जाता है, इसलिए 5/11 का मतलब 11 मई है। ब्रिटेन में भारत की तरह दिन पहले आता है। महीने का नाम लिखना सबसे सुरक्षित है।

अनुवाद की सीमाएँ

  • रोमन अक्षरों में हिंदी। “kal milte hain” जैसी हिंदी को ऐप शायद हिंदी न माने, और तब अनुवाद नहीं होगा।
  • हिंदी-अंग्रेज़ी मिलाकर लिखना। “कल meeting cancel हो गई” जैसे वाक्य आम हैं, पर अक्सर इनका अनुवाद बिगड़ जाता है। ज़रूरी बात पूरी हिंदी में लिखें।
  • लिंग। हिंदी में क्रिया बोलने वाले के लिंग से बदलती है: “मैं थक गया” या “मैं थक गई”। अंग्रेज़ी के “I'm tired” से यह पता नहीं चलता, इसलिए पोती का संदेश भी पुल्लिंग में आ सकता है।
  • “बेटा” और रिश्ते। प्यार से पोती को कहा गया “बेटा” अंग्रेज़ी में “son” बन सकता है, और अंग्रेज़ी का “aunt” बुआ, मौसी, चाची या मामी में से कुछ भी हो सकता है।
  • आशीर्वाद और मुहावरे। “जुग जुग जियो” या “सिर आँखों पर” जैसे वाक्य शब्दशः अनुवाद होकर अजीब लग सकते हैं।
  • नाम जिनके अर्थ हैं। आशा, किरण या पूजा जैसे नाम “hope”, “ray” या “worship” बन सकते हैं।
  • दूसरी भाषाएँ। पंजाबी, बांग्ला, तमिल, उर्दू या भोजपुरी में लिखे संदेशों का अनुवाद नहीं होगा।

शुरुआत कैसे करें

  1. iPhone (iOS 18 या उसके बाद) या Android (8.0 या उसके बाद) पर Piou इंस्टॉल करें, या वेब ऐप app.piou.chat खोलें। बच्चे घर आएँ, तो उनसे इंस्टॉल करवा लें।
  2. सेटिंग्स → भाषा और अनुवाद में हिंदी चुनें, फिर वाई-फ़ाई पर हिंदी और अंग्रेज़ी डाउनलोड करें।
  3. परिवार को लिंक, QR कोड या कॉन्टैक्ट्स से जोड़ें; बात करने के लिए सबके पास Piou होना चाहिए। फ़ोन में हिंदी कीबोर्ड भी जोड़ लें, ताकि आप देवनागरी में लिख सकें।
  4. अनुवाद चालू करने के लिए 7 दिन का मुफ़्त ट्रायल शुरू करें: कार्ड ज़रूरी है, 7 दिन तक कोई पैसा नहीं कटता, फिर दिखाई गई क़ीमत पर सदस्यता अपने-आप शुरू हो जाती है, जब तक आप ट्रायल ख़त्म होने से पहले उसे रद्द न करें।
  5. पोते-पोती आपके संदेश अंग्रेज़ी में पढ़ें, इसके लिए किसी अपने को Piou गिफ़्ट करें का इस्तेमाल करें; हर व्यक्ति के लिए एक सदस्यता गिनी जाती है।

इस्तेमाल के उदाहरण

विदेश में पले-बढ़े पोते-पोतियाँ

आपके पोते-पोती अमेरिका, कनाडा या ब्रिटेन में बड़े हुए हैं और हिंदी से ज़्यादा अंग्रेज़ी पढ़ते हैं। आप हिंदी में लिखिए या वॉइस मैसेज भेजिए; उनके पास Premium हो, तो वे उसे अंग्रेज़ी में पढ़ेंगे और आपकी आवाज़ भी सुन सकेंगे।

अंग्रेज़ी बोलने वाली बहू या दामाद

दिवाली की बधाई, शादी की तैयारियाँ, बच्चों की फ़ोटो: आप हिंदी में लिखते हैं, और बहू या दामाद के पास Premium हो तो वे अंग्रेज़ी में पढ़ते हैं। फ़ैमिली ग्रुप में जिसके पास Premium है, वह हर संदेश और पोल अपनी भाषा में पढ़ता है।

विदेश में पढ़ाई या नौकरी

मकान-मालिक, रूममेट और साथियों से रोज़ की बातें आसान हो जाती हैं। लीज़, वीज़ा और यूनिवर्सिटी के काग़ज़ात की पुष्टि सीधे संबंधित संस्था या सरकारी विभाग से करें।

विदेशी परिवार के घर काम

ड्राइवर, कुक या आया के रूप में आप निर्देश हिंदी में पढ़ते हैं और हिंदी में जवाब देते हैं। तनख़्वाह, छुट्टी और काम की शर्तें लिखित में हों, और उनका अनुवाद किसी इंसान से करवाया जाए।

विदेशी ग्राहक और सहकर्मी

दुकान, टेलर, होमस्टे या ऑफ़िस में विदेशी ग्राहकों से छोटे संदेशों में बात करें। आमने-सामने बात के लिए एक ही फ़ोन पर “आमने-सामने” मोड काफ़ी है, और सामने वाले को ऐप की ज़रूरत नहीं होती।

यात्रियों के साथ गाइड का काम

ऋषिकेश, जयपुर या वाराणसी में गाइड, ड्राइवर या होमस्टे वाले भाषाएँ डाउनलोड करके “आमने-सामने” मोड बिना नेटवर्क के भी चला सकते हैं। क़ीमत और समय हमेशा अंकों में पक्का करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मेरी पोती को भी Piou Premium चाहिए?

संदेश भेजने के लिए उसके पास Piou होना चाहिए। आपके हिंदी संदेश अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए उसे Premium चाहिए, और उसके अंग्रेज़ी संदेश हिंदी में पढ़ने के लिए आपको। उसके माता-पिता “किसी अपने को Piou गिफ़्ट करें” से आपके लिए भुगतान कर सकते हैं।

क्या इंटरनेट के बिना अनुवाद होता है?

हाँ, हिंदी और अंग्रेज़ी डाउनलोड करने के बाद अनुवाद और “आमने-सामने” मोड बिना इंटरनेट के चलते हैं। संदेश भेजने-पाने और कॉल करने के लिए इंटरनेट चाहिए।

Piou Premium की क़ीमत क्या है?

भारत में ₹179 महीना या ₹1,399 साल; अमेरिका में $5.99 महीना या $47.99 साल; ब्रिटेन में £4.99 महीना या £39.99 साल। क़ीमत आपके देश के हिसाब से होती है और सदस्यता लेने से पहले आपकी मुद्रा में दिखाई जाती है। 7 दिन के मुफ़्त ट्रायल के लिए कार्ड ज़रूरी है।

क्या रोमन अक्षरों में लिखी हिंदी का अनुवाद होता है?

शायद नहीं। “kal aa rahe ho?” जैसी रोमन अक्षरों में लिखी हिंदी को ऐप शायद हिंदी के रूप में न पहचाने, और तब अनुवाद नहीं होगा। देवनागरी में लिखें; इसके लिए फ़ोन में हिंदी कीबोर्ड जोड़ना काफ़ी है।

क्या Piou पंजाबी, बांग्ला, तमिल या उर्दू का अनुवाद करता है?

नहीं। भारत की भाषाओं में से Piou सिर्फ़ हिंदी का अनुवाद करता है। उर्दू, पंजाबी, बांग्ला, तमिल, तेलुगु, मराठी, गुजराती और मलयालम Piou की 20 भाषाओं में शामिल नहीं हैं।

अंग्रेज़ी से आया अनुवाद कभी-कभी रूखा क्यों लगता है?

अंग्रेज़ी में “आप” और “तुम” का फ़र्क़ नहीं होता, सिर्फ़ “you” होता है। अनुवाद ख़ुद तय करता है कि “आप” लिखे या “तुम”, इसलिए पोते का संदेश भी कभी-कभी रूखा लग सकता है। यह भेजने वाले का इरादा नहीं, अनुवाद की सीमा है।